
● मुंबई
देशभर का ध्यान खींचने वाली खबर सामने आई है। ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग कामगारों ने 3 फरवरी को देशव्यापी कामबंद हड़ताल का ऐलान किया है। कामगारों का कहना है कि उन्हें न तो सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल रहा है और न ही पारिश्रमिक की स्थिरता। आरोप है कि कंपनियां मनमाने तरीके से आईडी ब्लॉक कर देती हैं, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी अचानक छिन जाती है।
इस हड़ताल का असर केवल फूड और ई-कॉमर्स डिलीवरी तक सीमित नहीं रहेगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिये काम स्वीकार करने वाले ब्यूटीशियन, स्पा व सैलून कर्मी, घरेलू कामगार, क्लीनर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, एसी तकनीशियन और सुतार भी आंदोलन में शामिल होंगे। ऐसे में इनसे जुड़ी सेवाएं दिनभर प्रभावित रहने की संभावना है।
गिग कामगारों के अनुसार, इससे पहले 26 जनवरी सहित अन्य अवसरों पर भी विरोध दर्ज कराया गया था, पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के चलते गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) के बैनर तले हजारों कामगार 3 फरवरी को दोपहर 1 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटेंगे।
यूनियन का आरोप है कि अपारदर्शी रेटिंग सिस्टम, अस्थिर भुगतान, नीतियों में एकतरफा बदलाव और बार-बार आईडी निष्क्रिय करना आम हो गया है। महिला कामगारों के साथ कथित उत्पीड़न और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। इन जड़ें जमाते संकटों से त्रस्त होकर कामगारों ने व्यापक आंदोलन का रास्ता चुना है। हड़ताल के दौरान अधिकांश ऑनलाइन सेवाओं के ठप रहने की आशंका जताई जा रही है।
