
▪️पुरी
ओडिशा के पुरी में भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा गुरुवार को भक्ति और उत्साह के बीच आरंभ हुई। इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु ‘बड़ा डांडा’ (ग्रैंड रोड) पर उमड़ पड़े और भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा के दिव्य रथों के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। रथयात्रा के दौरान तीनों विग्रह श्रीमंदिर से निकलकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं, जहां वे परंपरा के अनुसार कुछ दिनों तक विराजमान रहेंगे। रथ यात्रा आज से शुरू हुई है और 27 जुलाई को नीलाद्री बीजे से इसका समापन होगा।
रथयात्रा की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में ‘छेरा पहरा’ अनुष्ठान शामिल है, जिसमें गजपति महाराज स्वर्ण झाड़ू से रथों की सफाई कर सेवा और समर्पण का संदेश देते हैं। इसके बाद हजारों श्रद्धालु विशाल रस्सियों से रथों को खींचते हैं। मान्यता है कि रथ को खींचने और भगवान के दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। रेलवे, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर विशेष व्यवस्था की है, ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भगवान जगन्नाथ की यह रथयात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का भी अद्भुत प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष यह महापर्व करोड़ों श्रद्धालुओं को आस्था के एक सूत्र में बांधता है और भगवान के प्रति अटूट भक्ति का संदेश देता है।
