▪️ खबर फैलते ही वृंदावन में जुटने लगे श्रद्धालु

▪️वृंदावन। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर देखने को मिल रही है। उनके श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन की उम्मीद लेकर आश्रम के बाहर जुटने लगे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दिल्ली, कानपुर सहित दूसरे शहरों से भी लोग महाराज की एक झलक पाने के लिए वृंदावन पहुंच रहे हैं।
गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमानंद महाराज अचानक श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। काफी समय बाद उनके यहां आने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया। हालांकि, शुक्रवार को महाराज आश्रम नहीं पहुंचे, लेकिन उनके दर्शन की उम्मीद में भक्तों का आना जारी रहा।
गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज ने 18 मई से अपनी रात्रिकालीन पदयात्रा और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए थे। इसके बाद से वह बेलवन में यमुना किनारे स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम में रह रहे हैं। वह कभी-कभार श्रीराधा केली कुंज आश्रम आते हैं।
इस बीच, 25 सितंबर को उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की आश्रम के पास एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम नहीं आए थे। ऐसे में गुरुवार को उनके पहुंचने की खबर ने श्रद्धालुओं के बीच फिर से दर्शन की उम्मीद जगा दी।
दिल्ली से आए ईशान चौधरी ने बताया कि वह पहले सप्ताह में एक दिन महाराज की पदयात्रा में शामिल होकर उनके दर्शन करते थे। उनके आश्रम पहुंचने की जानकारी मिली तो वह तत्काल वृंदावन आ गए। अब वह एक-दो दिन और रुककर दर्शन की प्रतीक्षा करेंगे। कानपुर के अजित कुमार त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें जन्माष्टमी के आसपास महाराज के दर्शन हुए थे।
