■ वैभव की ऐतिहासिक आंधी में उड़ा इंग्लैंड

● हरारे
वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ और विस्फोटक बल्लेबाज़ी ने अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल को एकतरफ़ा बना दिया। शुक्रवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में भारतीय अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से पराजित कर छठी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो इस टूर्नामेंट का सर्वोच्च स्कोर रहा। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय अंडर-19 क्रिकेट ने अपने स्वर्णिम अध्याय में एक और चमकदार पन्ना जोड़ लिया। मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद, पृथ्वी शॉ और यश ढुल के बाद अब कप्तान आयुष म्हात्रे का नाम भी विश्व कप विजेता कप्तानों की प्रतिष्ठित सूची में दर्ज हो गया।
टॉस जीतकर कप्तान आयुष म्हात्रे ने पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय लिया। हालांकि, पारी की शुरुआत में ही भारत को झटका लगा जब एरोन जॉर्ज चौथे ओवर में नौ रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नंबर तीन पर उतरे आयुष म्हात्रे ने वैभव सूर्यवंशी के साथ मिलकर पारी को मजबूती दी। आयुष ने संयम और सूझबूझ के साथ पारी को आगे बढ़ाया, जबकि वैभव ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाया।
वैभव सूर्यवंशी ने महज़ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उन्होंने 32 गेंदों में अर्धशतक और 55 गेंदों में शतक पूरा कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। यह पारी अंडर-19 विश्व कप फाइनल की सबसे यादगार पारियों में शुमार हो गई।
इस प्रदर्शन के साथ वैभव सूर्यवंशी अंडर-19 विश्व कप फाइनल में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। पूरे टूर्नामेंट में लगाए गए 29 छक्कों के साथ उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनकी यह पारी न केवल फाइनल का रुख तय करने वाली साबित हुई, भारतीय अंडर-19 क्रिकेट के इतिहास में भी एक स्वर्णिम उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई।
