
● इंदौर
रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोट भी जब किसी का मनोबल नहीं तोड़ पाती, तो वह जज्बा प्रेरणा बन जाता है। खरगोन की कक्षा 10वीं की छात्रा स्वधा वर्मा ने यही साबित कर दिखाया। दुर्घटना में घायल होने के बावजूद उसने अपनी परीक्षा देने का संकल्प नहीं छोड़ा।
गत दिनों स्कूटी से गिरने के कारण स्वधा की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। वह फिलहाल निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। चिकित्सकीय निगरानी में रहते हुए भी जब परीक्षा की तिथि आई, तो उसने आत्मविश्वास के साथ पेपर देने की इच्छा जताई। परिवार ने भी उसके इस निर्णय में पूरा साथ दिया।
शनिवार को निर्धारित परीक्षा के लिए स्वधा को कार में लेटाकर स्कूल लाया गया। परिसर से परीक्षा कक्ष तक परिजन उसे स्ट्रेचर पर लेकर पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने संवेदनशीलता और सहयोग का परिचय देते हुए विशेष कक्ष में उसके लिए बेड की व्यवस्था की, ताकि वह आराम की स्थिति में प्रश्नपत्र हल कर सके। स्वधा ने बेड पर लेटे-लेटे ही अंग्रेजी का प्रश्नपत्र हल किया।
स्वधा के पिता अमित वर्मा, जो डायवर्जन रोड स्थित हरमन कालोनी में निवास करते हैं, ने बताया कि बेटी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने पूरे परिवार को साहस दिया। परीक्षा के बाद स्वधा ने संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की।
इस साहसिक प्रयास की विद्यालय परिसर में सराहना हुई। विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के प्रति समर्पण का यह उदाहरण अनेक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
