
● नई दिल्ली
आधार डेटाबेस की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए लगभग ढाई करोड़ आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। इनमें बड़ी संख्या उन व्यक्तियों के आधार की है जिनका निधन हो चुका है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जतिन प्रसाद ने साझा की।
UIDAI का कहना है कि यह कदम डेटाबेस की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। राष्ट्रव्यापी सत्यापन अभियान के तहत ऐसे आधार नंबरों की पहचान की गई, जिनका उपयोग अब वैध नहीं है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार सक्रिय रहना भविष्य में धोखाधड़ी, फर्जी लाभ उठाने और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ा सकता है। इसी जोखिम को समाप्त करने के लिए यह पहल की गई है।
● ‘रिपोर्टिंग डेथ ऑफ ए फैमिली मेंबर’ सेवा
परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए UIDAI ने myAadhaar पोर्टल पर “रिपोर्टिंग डेथ ऑफ ए फैमिली मेंबर” नामक नई ऑनलाइन सेवा शुरू की है। इसके माध्यम से मृतक के परिजन घर बैठे संबंधित आधार संख्या को निष्क्रिय कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस सेवा का उद्देश्य मृत्यु की सूचना दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है, ताकि अनावश्यक दौड़-धूप से बचा जा सके।
- आधार स्टेटस ऐसे करें जांच
यदि आप अपने आधार की स्थिति जानना चाहते हैं, तो यह आसान प्रक्रिया अपनाएं-
◆ सबसे पहले myAadhaar पोर्टल खोलें।
◆ होम पेज पर नीचे जाकर “Check Aadhaar Validity” विकल्प पर क्लिक करें।
◆ अपना आधार नंबर और प्रदर्शित कैप्चा कोड दर्ज करें।
◆ इसके बाद ‘Proceed’ पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर आधार की वर्तमान स्थिति दिखाई देगी।
◆ यदि स्टेटस “Active” है, तो आधार मान्य है। यदि “Inactive” दिखता है, तो कारण जानने के लिए आधार हेल्पलाइन या अधिकृत केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाम, जन्मतिथि, लिंग, राज्य या मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों में असंगति पाए जाने पर भी आधार अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो सकता है। ऐसे मामलों में विवरण अद्यतन कराकर आधार को पुनः सक्रिय कराया जा सकता है।
डेटाबेस की स्वच्छता की यह पहल डिजिटल शासन व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
