
● नासिक
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम में भक्ति और श्रद्धा का अलौकिक वातावरण देखने को मिला। समस्त अखाड़ों के प्रमुख संतों ने प्रातःकाल पवित्र कुशावर्त कुंड में स्नान किया और तत्पश्चात भगवान त्र्यंबकेश्वर महादेव के दर्शन कर विधिवत जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक सम्पन्न किया। इस दिव्य आयोजन में संतों के आशीर्वाद से समस्त समाज के कल्याण की कामना की गई।

इस अवसर पर पालघर पीठ की ओर से लोककल्याण, सामाजिक समरसता, युवा जागरण तथा संस्कृति एवं संस्कार संरक्षण के उद्देश्य से विशेष पूजन एवं रुद्राभिषेक आयोजित किया गया। पालघर पीठाधीश्वर योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज ने समाज में शांति, सद्भाव और संस्कार आधारित जीवन मूल्यों के प्रसार का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी भय और विघटन का वातावरण था, वहाँ अब सेवा, संस्कार और समरसता का प्रकाश फैलाना ही पीठ का लक्ष्य है।
योगीराज ने घोषणा की कि निकट भविष्य में पालघर पीठ नशामुक्ति, युवा मार्गदर्शन, संस्कार जागरण तथा सामाजिक समरसता से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम प्रारम्भ करेगा। इस अवसर पर उनकी बांसुरी की मधुर धुन से उपस्थित श्रद्धालु और संतगण भावविभोर हो उठे।

श्री आदिनाथ अखाड़ा एवं श्री नवनाथ धाम त्र्यंबकेश्वर के महंत श्री विश्वनाथ जी महाराज ने पालघर पीठ से आए संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत कर विश्वकल्याण की कामना की। साथ ही 12 अप्रैल को पालघर पीठ में आयोजित कार्यक्रम की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ दीं।
पूजन कार्यक्रम पूर्ण शांति, अनुशासन और मर्यादा के साथ सम्पन्न हुआ तथा राष्ट्र और समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की गई।
