
▪️मुंबई
एक समय परिवार के छोटे कारोबार में ग्राहकों की छूटी हुई फोन कॉल से होने वाले नुकसान को करीब से देखने वाले भारतीय मूल के इंजीनियर अपूर्व श्रीवास्तव ने उसी समस्या का समाधान खोजकर आज अरबों रुपए की AI कंपनी खड़ी कर दी है। उनकी स्टार्टअप कंपनी ‘अवोका’ (Avoca) का मूल्यांकन अब करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,300 करोड़) तक पहुंच गया है।
मिशिगन में पले-बढ़े अपूर्व श्रीवास्तव ने बचपन में अपने परिवार के व्यवसाय में काम करते हुए महसूस किया कि कई ग्राहक केवल इसलिए हाथ से निकल जाते हैं, क्योंकि उनकी कॉल समय पर रिसीव नहीं हो पाती। यही अनुभव आगे चलकर उनके स्टार्टअप की नींव बना। एमआईटी (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) से पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने साथी टायसन चेन के साथ मिलकर AI आधारित कॉल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ‘अवोका’ की शुरुआत की।
शुरुआत में कंपनी ने रेस्तरां के लिए ऐसा AI सिस्टम विकसित किया, जो ग्राहकों की कॉल अपने आप रिसीव कर सके। बाद में टीम ने पाया कि होम सर्विस सेक्टर, जैसे प्लंबिंग, एयर कंडीशनिंग, रूफिंग और अन्य तकनीकी सेवाओं में एक मिस्ड कॉल का मतलब हजारों डॉलर का संभावित कारोबार गंवाना हो सकता है। इसके बाद कंपनी ने अपनी सेवाओं का विस्तार इसी क्षेत्र में किया।
आज ‘अवोका’ का AI प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे ग्राहकों की कॉल रिसीव करता है, अपॉइंटमेंट बुक करता है, जरूरी जानकारी जुटाता है और व्यवसायों को नए ग्राहकों से जोड़ने में मदद करता है। कंपनी की तेज़ वृद्धि को देखते हुए निवेशकों ने इसमें 12.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया, जिसके बाद यह ‘यूनिकॉर्न’ क्लब में शामिल हो गई।
अपूर्व श्रीवास्तव की सफलता इस बात का उदाहरण है कि रोजमर्रा की छोटी-सी समस्या का तकनीक के जरिए समाधान खोजकर वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
