
▪️लखनऊ
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण अभियान को नई पीढ़ी से जोड़ने की तैयारी है। योगी सरकार अब Gen-Z के युवाओं को गो सेवा, प्राकृतिक खेती और गो आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रदेशभर में करीब 10 हजार ‘गो मित्र’ तैयार करेगी।
योजना के तहत पहले चुनिंदा युवाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद ये प्रशिक्षक गांव-गांव जाकर अन्य युवाओं और लोगों को गो संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देंगे। सरकार का उद्देश्य गो सेवा को केवल धार्मिक या भावनात्मक विषय तक सीमित न रखकर इसके पर्यावरणीय और आर्थिक महत्व से भी युवाओं को परिचित कराना है।
गो मित्र लोगों को गोवंश की देखभाल के साथ प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, गोबर से बनने वाले उत्पादों और गो आधारित रोजगार की संभावनाओं के बारे में भी जागरूक करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
प्रदेश में 7,500 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12 लाख से ज्यादा गोवंश के संरक्षण की जानकारी दी गई है। गोशालाओं में गो-काष्ठ, गो-पेंट, वर्मीकम्पोस्ट, धूपबत्ती और अन्य उत्पाद तैयार करने की गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार अब जिलों की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार गोशालाओं में अलग-अलग गतिविधियों को विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि गो संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
