
▪️मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र सहित राज्य के कई हिस्सों में फसलों पर संकट गहरा गया है। कई किसानों ने खेतों में खड़ी फसलें तक हटा दी हैं। किसानों की ओर से आर्थिक सहायता के साथ ही राज्य में कृत्रिम बारिश कराने की मांग भी उठ रही है।
राज्य के ग्राम विकास मंत्री और सोलापुर के पालकमंत्री जयकुमार गोरे ने कहा कि महाराष्ट्र में इससे पहले कृत्रिम बारिश कराने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद राज्य में कृत्रिम बारिश कराई जाए या नहीं, इसका अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लेंगे।
गोरे ने बताया कि पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर और सातारा जिलों के बांधों में फिलहाल पानी उपलब्ध है, जिससे कुछ हद तक कृषि संबंधी समस्या कम हुई है। हालांकि उजनी बांध के पानी से सोलापुर जिले के लिए अगले एक साल की योजना बनानी होगी।
उन्होंने कहा कि सोलापुर जिले में फिलहाल 50 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। टैंकरों और पशुओं के लिए पानी की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
गोरे के मुताबिक उजनी बांध इस समय पूरी तरह भरा हुआ है। इसी पानी से पेयजल, सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की जरूरत पूरी होती है। अगली बारिश जून 2027 में होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को उजनी के पानी का पूरे एक साल के लिए नियोजन करना होगा।
