- 1.26 किमी लंबे फ्लाईओवर का निर्माण पूरा, यातायात शुरू करने से पहले होगा लोड टेस्ट

- मुंबई । मुंबई के महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के तहत दिंडोशी कोर्ट से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक बनाया जा रहा 1.26 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर अब उद्घाटन के करीब पहुंच गया है। फ्लाईओवर पर वाहनों की आवाजाही शुरू करने से पहले अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में ट्रैफिक लोड टेस्ट किया जाएगा। तकनीकी परीक्षण और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।
तीन-तीन लेन वाले इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फ्लाईओवर के सभी 31 पिलर और 30 स्पैन तैयार हो चुके हैं। गर्डर लगाने, डेक स्लैब और दोनों तरफ एप्रोच रोड का काम भी पूरा कर लिया गया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से शुरू होकर रत्नागिरी जंक्शन के पास करीब 90 डिग्री का मोड़ लेते हुए दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के पास नीचे उतरेगा।
यातायात शुरू करने से पहले फ्लाईओवर की भार वहन क्षमता, मजबूती और संरचनात्मक स्थिरता की जांच की जाएगी। इसके लिए निर्धारित भार डालकर लोड टेस्ट किया जाएगा। परीक्षण के परिणाम संतोषजनक रहने और तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद वाहनों के लिए फ्लाईओवर खोला जाएगा।
GMLR परियोजना का उद्देश्य मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। करीब 12.2 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण, पुल, कनेक्टर और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बनने वाली जुड़वां सुरंगें शामिल हैं। दोनों सुरंगों की लंबाई करीब 4.7-4.7 किलोमीटर होगी।
परियोजना के इस हिस्से के निर्माण में देरी हुई थी। निर्धारित समयसीमा प्रभावित होने के बाद बीएमसी ने संबंधित ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फ्लाईओवर शुरू होने से दिंडोशी, गोरेगांव पूर्व और फिल्म सिटी क्षेत्र में यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, GMLR का पूरा लाभ परियोजना के अन्य प्रमुख हिस्सों, विशेषकर जुड़वां सुरंगों के पूरा होने के बाद ही मिल सकेगा।
