
▪️काकामिगहारा (जापान)। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में 44 साल के स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करते हुए इतिहास रच दिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल में भारत ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मुकाबले का निर्णायक गोल लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में दागा। अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरीं लालरेम्सियामी ने शानदार रिवर्स-हिट के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने मजबूती से मोर्चा संभाले रखा।
गोलकीपर सविता पूनिया ने भी अहम भूमिका निभाई। चीन को मिले पेनल्टी स्ट्रोक को बचाकर उन्होंने भारत की बढ़त बरकरार रखी। अंतिम मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार रक्षात्मक खेल दिखाते हुए चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था। इसके बाद 1998 और 2018 में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 44 साल बाद मिली इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया है।
