▪️विद्यार्थियों को समझाया पौष्टिक आहार का महत्व, कहा- पसंद के साथ सेहत का भी रखें ध्यान

- मुंबई। स्कूलों में वड़ापाव की बिक्री बंद होने से नाराज एक छात्र ने महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे से इसे दोबारा शुरू कराने की अपील की। छात्र और मुंढे के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इसमें छात्र की मासूम गुहार पर मुंढे मुस्कुराते हुए उसे स्वस्थ खानपान का महत्व समझाते नजर आते हैं।
वीडियो में छात्र मुंढे से कहता है कि स्कूल में वड़ापाव की बिक्री बंद होने से वह और उसके दोस्त परेशान हैं। छात्र चाहता है कि उन्हें फिर से वड़ापाव खाने का मौका मिले। इस पर मुंढे सहज अंदाज में समझाते हैं कि वड़ापाव नहीं खाने से जिंदगी नहीं रुक जाएगी। बच्चों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- पौष्टिक भोजन से होगा बेहतर विकास
मुंढे ने विद्यार्थियों को तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने और प्रोटीन से भरपूर भोजन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने दाल, फलियां, दूध, दही और अंडे जैसे खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, बच्चों के शारीरिक विकास के लिए भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिजों का उचित संतुलन जरूरी है।
- खाने की गुणवत्ता पर भी ध्यान जरूरी
बातचीत में चाइनीज खाद्य पदार्थों का मुद्दा भी उठा। इस दौरान खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंगों, रसायनों और स्वच्छता को लेकर सावधानी बरतने का संदेश दिया गया। बच्चों को स्वाद के साथ भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।
छात्र और आयुक्त के बीच हुई इस बातचीत ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। इस संवाद के माध्यम से बच्चों की पसंद और उनके स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने का संदेश सामने आया है।
