- राजेश विक्रांत

बिजनौर जिले के ग्राम फीना में ‘मेरा गांव, मेरा अभिमान’ अभियान ग्रामीण एकता और सामाजिक सहभागिता की अनूठी मिसाल बन रहा है। इसके अंतर्गत नौकरी और व्यवसाय के सिलसिले में बाहर रहने वाले फीना के मूल निवासी प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को गांव आकर सम्मेलन में शामिल होते हैं।
वर्ष 2016-17 में नरेश वत्स ने डॉ. परवेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. विश्वपाल सिंह, धीरेश बहादुर राजपूत, नरेश चौहान, भूदेव सिंह और मनोज कुमार राजपूत के साथ इस पहल पर चर्चा की। इसके बाद 2 अक्टूबर 2018 को पहला कार्यक्रम आयोजित हुआ। अभियान के माध्यम से गाँव को एंबुलेंस भेंट की गई और चमुंडा देवी मार्ग पर प्रवेश द्वार बनवाया गया। डॉ. परवेन्द्र कुमार सिंह अपनी माता की स्मृति में मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष लगभग 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देते हैं। धीरेश बहादुर राजपूत ने खेड़ा अंत्येष्टि स्थल पर हॉल निर्माण तथा इंजीनियर हेमंत कुमार ने सेनानी स्मारक निर्माण की परिकल्पना प्रस्तुत की। बेल वाला चौक स्थित धार्मिक स्थल के विकास का आह्वान भी किया गया है।

इस वर्ष 2 अक्टूबर को गायत्री पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में किसान नेता पूरन सिंह मुख्य अतिथि रहे। दमयंती सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. आदित्य अग्रवाल और डॉ. एन.पी. सिंह विशिष्ट अतिथि थे। स्थानीय इतिहासकार इंजीनियर हेमंत कुमार के माध्यम से लेखक राजेश विक्रांत को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। मुंबई के इतिहास, समाज और संस्कृति पर सात महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उन्हें ‘फीना रत्न’ प्रदान किया गया। मुरादाबाद के आशुकवि रणधीर सिंह ने फीना पर स्वरचित कविता सुनाई।
डॉ. परवेन्द्र कुमार सिंह ने हाईस्कूल के मेधावी विद्यार्थियों खनक राजपूत, लक्ष्य कुमार और विशाल कुमार तथा इंटरमीडिएट के भुवनेश कुमार, अविनी चौहान और वैष्णवी को पुरस्कृत किया। डॉ. विनोद वत्स ने अध्यक्षता और धीरेश बहादुर राजपूत ने संचालन किया।
वर्तमान कार्यकारिणी में अध्यक्ष डॉ. विनोद वत्स, सचिव धीरेश बहादुर राजपूत, संयोजक नरेश वत्स तथा भूदेव सिंह, डॉ. परवेन्द्र कुमार सिंह, ओमपाल सिंह, नीरज चौहान और मनोज कुमार राजपूत सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्वैच्छिक सहयोग से संचालित यह गांव से जुड़ाव और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण है।
