- आलीशान बंगला और महंगी कारें छोड़ अपनाया सादा जीवन, अब लोगों की मदद को बनाया मकसद

- मुंबई। मौत के करीब पहुंचने का अनुभव किसी व्यक्ति की सोच और जीवन की दिशा बदल सकता है। अमेरिका में कार्यरत भारतीय मूल के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजीव पारती की कहानी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2010 में गंभीर संक्रमण के कारण आपातकालीन सर्जरी के दौरान उन्हें शरीर से अलग चेतना का अनुभव हुआ। इस घटना के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।
डॉ. पारती के मुताबिक, उन्होंने ऑपरेशन थिएटर में अपने शरीर को नीचे और स्वयं को लगभग 10 से 12 फीट ऊपर महसूस किया। उनका दावा है कि वे ऊपर से डॉक्टरों को सर्जरी करते देख रहे थे। इसके बाद उन्होंने एक अंधकारमय स्थान, डरावनी आकृतियों और चीखों का अनुभव बताया। कुछ समय बाद उन्हें अपने दिवंगत पिता के दर्शन होने और एक चमकदार सुरंग से गुजरने का अनुभव हुआ। उनके अनुसार, आगे उन्हें गहरी शांति और प्रेम से भरी रोशनी दिखाई दी।
- भौतिक सुखों से आध्यात्मिक जीवन की ओर
डॉ. पारती बताते हैं कि इस अनुभव ने उन्हें अपने व्यवहार, अहंकार और जीवन की प्राथमिकताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। पहले वे सफल चिकित्सक थे और आलीशान बंगले तथा महंगी गाड़ियों के साथ जीवन बिता रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने अपना बड़ा घर और लग्जरी कारें बेच दीं। कुछ ही समय बाद उन्होंने एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में अपना पद भी छोड़ दिया।
अब वे आध्यात्मिक कल्याण, ध्यान और सेवा के माध्यम से लोगों की मदद करने पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि अवसाद, नशे की लत और लंबे समय तक रहने वाले दर्द से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है।
डॉ. पारती के अनुभव को वैज्ञानिक रूप से मृत्यु के बाद जीवन का प्रमाण नहीं माना जा सकता। हालांकि, उनकी कहानी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है-जीवन का वास्तविक मूल्य केवल धन और सुविधाओं में नहीं, बल्कि प्रेम, क्षमा, करुणा और दूसरों की सहायता में भी है।
