- 10% पानी कटौती जारी, बीएमसी ने नागरिकों को चेताया
- औसत से कम बारिश ने बढ़ाई चिंता, रोजाना 564 मिलियन लीटर पानी की कमी

▪️मुंबई। मुंबई में पानी की किल्लत को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नागरिकों से जल संरक्षण की अपील की है। शहर की जरूरत के मुकाबले कम पानी उपलब्ध होने के कारण आपूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती जारी है। प्रशासन ने साफ किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में पानी की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है।
मुंबई को प्रतिदिन करीब 4,664 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन औसतन लगभग 4,100 मिलियन लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। यानी रोजाना करीब 564 मिलियन लीटर पानी की कमी है। वर्ष 2026 में औसत से कम बारिश के कारण शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों के जल भंडार पर दबाव बढ़ा है।
- उद्योगों पर भी लागू रहेगी कटौती
महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देश पर 15 मई 2026 से लागू 10 प्रतिशत कटौती जारी है। औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा खेल क्लबों की जलापूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती भी बरकरार रहेगी। बीएमसी का लक्ष्य राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप 31 अगस्त 2027 तक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- वाहन धुलाई और निर्माण में पेयजल से बचें
बीएमसी ने नागरिकों और संस्थानों से नल खुला नहीं छोड़ने, पाइपलाइन के रिसाव को तत्काल ठीक कराने और गैर-जरूरी कामों में पेयजल का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। निर्माण कार्य, वाहन धुलाई, बागवानी और सड़कों की सफाई जैसे कामों में उपचारित अपशिष्ट जल, कुओं या बोरवेल के पानी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। स्विमिंग पूल भरने के लिए भी पेयजल का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है।
- बर्बादी करने वालों पर होगी कार्रवाई
पानी के रिसाव और बर्बादी पर निगरानी रखने के लिए बीएमसी ने विशेष दल तैनात किए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पेयजल का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। बीएमसी ने मुंबईकरों से अपील की है कि वे जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी मानें, ताकि सीमित जल भंडार का उपयोग लंबे समय तक किया जा सके।
