
▪️मुंबई
पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए मुंबई हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर पूरे साल पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लागू रखने का निर्देश दिया है। यह पाबंदी केवल दिवाली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान भी प्रभावी होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि त्योहार मनाने की आड़ में आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता बिगाड़ता है, जबकि तेज आवाज बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण जरूरी है।
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को आदेश की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने के लिए फिल्मी हस्तियों की मदद लेने का सुझाव भी दिया गया है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि निर्देशों का पालन केवल दिवाली के दौरान कराना पर्याप्त नहीं होगा। सालभर नियमों के प्रति जागरूकता और उनका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
