
● हरिद्वार
सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी भारतीय संस्कृति के महान वाहक थे। उनके कार्यों के कारण आज नई पीढ़ी के सामने भारतीय संस्कृति की महानता जीवंत है और उनका समाधि मंदिर भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगा, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।
उत्तराखंड के हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरीजी महाराज के समाधि मंदिर में श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरीजी, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के स्वामी गोविंददेव गिरीजी, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित अनेक संत, महंत और गणमान्य व्यक्तित्व मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संत परंपरा समाज को जोड़ने और एकजुट रखने का कार्य करती है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने भारत माता मंदिर की स्थापना कर इस परंपरा को व्यापक स्वरूप दिया। उन्होंने विश्वभर में फैले सनातन संस्कृति के प्रवाहों को एकत्रित करने का महान कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनरुत्थान को नई गति मिली है, जिससे आज की पीढ़ी अपनी संस्कृति और मूल्यों पर गर्व महसूस कर रही है। इस परिवर्तन में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जैसे संतों का अमूल्य योगदान है।
