
● नई दिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब प्रयोगशालाओं और धरती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरिक्ष अभियानों में भी नई इबारत लिख रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने AI की मदद से मंगल मिशन में एक अहम उपलब्धि दर्ज की है।
नासा के मार्स रोवर पर्सीवरेंस ने हाल ही में एंथ्रोपिक के AI चैटबॉट क्लाउड द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर अपनी पहली ड्राइव सफलतापूर्वक पूरी की। यह पहला मौका है जब किसी जेनरेटिव AI मॉडल ने दूसरे ग्रह पर रोवर की मूवमेंट प्लानिंग में सीधे भूमिका निभाई है।
AI चैटबॉट ने रास्ते की स्थिति, ढलान की सीमाओं और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए वे-प्वाइंट्स यानी मध्यवर्ती निर्देशांक तैयार किए। इन्हीं बिंदुओं को लक्ष्य बनाकर रोवर ने अपनी आगे की यात्रा तय की।
एंथ्रोपिक के अनुसार, इन वे-प्वाइंट्स की पहले नासा के मिशन इंजीनियरों ने गहन समीक्षा की और आवश्यक सुधार किए। इसके बाद संशोधित निर्देश पृथ्वी से मंगल तक करीब 362 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय कर पर्सीवरेंस को अपलिंक किए गए। इस प्रयोग को अंतरिक्ष अभियानों में AI की बढ़ती भूमिका और भविष्य की स्वायत्त मिशन तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
