
● प्रयागराज
संगम नगरी में रेल यातायात को सुगम और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ी योजना तैयार की है। दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए यमुना नदी पर एक नए आधुनिक रेल पुल के निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया है। यह पुल न केवल रेल यातायात को गति देगा, बल्कि अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा।
वर्तमान में यमुना नदी पर बना रेल पुल वर्ष 1865 का है, जिसने लगभग डेढ़ शताब्दी से अधिक समय तक सेवाएं दी हैं। अगले 30 से 40 वर्षों में इसके उपयोग से बाहर होने की संभावना को देखते हुए रेलवे ने नए पुल के निर्माण की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
प्रस्तावित पुल कोठा पारचा डाट पुल (रामबाग) से शुरू होकर लाउडर रोड और ईविंग क्रिश्चियन कालेज के रास्ते नैनी स्थित शुआट्स तक बनाया जाएगा। लगभग 1546 मीटर लंबा यह पुल बनने के बाद दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुचारु हो सकेगी।
इस पुल की सबसे बड़ी खासियत इसकी उन्नत तकनीक होगी। इसे जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध चिनाब रेल पुल की तर्ज पर ‘स्फेरिकल बेयरिंग’ तकनीक से तैयार किया जाएगा। यह पुल 8 से 9 रिक्टर पैमाने तक के भूकंप, भीषण विस्फोट और चक्रवाती तूफानों का सामना करने में सक्षम होगा।
पुल के प्रत्येक खंभे पर सिस्मिक अरेस्टर लगाए जाएंगे, जो भूकंप के झटकों को प्रभावी ढंग से सहन करेंगे। साथ ही सिलिकान ग्रीस और विशेष स्लाइडिंग सामग्री के उपयोग से यह पुल लगभग 30 वर्षों तक बिना किसी बड़ी मरम्मत के सुरक्षित और सुचारु रूप से कार्य कर सकेगा।
