
● नई दिल्ली
चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वास्तविक बाजार मांग में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई तो यह तेजी लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी। फिलहाल इस क्षेत्र को सबसे बड़ा सहारा चीन की सरकारी नीतियों और निवेश से मिल रहा है।
चीन की कई स्थानीय सरकारें ह्यूमनॉइड रोबोट के परीक्षण के लिए विशेष केंद्र स्थापित कर रही हैं। इन केंद्रों में कंपनियां रोबोट को विभिन्न प्रकार के कार्य सौंपकर उनके प्रदर्शन का डेटा एकत्र कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर शंघाई में स्थापित एक टेस्टिंग सेंटर में एक साथ लगभग 100 ह्यूमनॉइड रोबोट अलग-अलग कार्य करते हुए परीक्षण प्रक्रिया से गुजर सकते हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में ये रोबोट मुख्य रूप से सरल और दोहराव वाले कार्यों में ही प्रभावी हैं। उनकी कार्यकुशलता अभी भी इंसानों की तुलना में सीमित है और औसतन केवल 30 से 40 प्रतिशत तक ही दक्षता दिखाई दे रही है। जटिल और नियमित कार्यों में इनकी क्षमता तब तक सीमित रहने की संभावना है, जब तक वे व्यावसायिक स्तर पर व्यापक रूप से उपयोगी सिद्ध नहीं हो जाते।
हालांकि चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट की सप्लाई चेन दुनिया की सबसे मजबूत मानी जा रही है। अनेक कंपनियां बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही हैं और हजारों सप्लायर इस इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष विश्वभर में लगभग 14,500 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट की डिलीवरी हुई, जिनमें अधिकांश का निर्माण चीन में हुआ था। वर्ष 2024 में यह संख्या लगभग 3,000 के आसपास थी।
फिलहाल इन रोबोट्स का उपयोग मुख्य रूप से प्रचार गतिविधियों, स्वागत सेवाओं और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में दिखाई देता है। शंघाई में ‘रोबोट शोरूम’ जैसी दुकानों में रोबोट ग्राहकों का स्वागत करते हैं, जबकि कुछ फैक्टरियों में वे सहायक कार्यों में लगे हैं। इसके बावजूद वे अभी मानव श्रमिकों का पूर्ण विकल्प नहीं बन पाए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ह्यूमनॉइड रोबोट की सबसे बड़ी खरीदार स्वयं चीन की सरकार रही है और निकट भविष्य में भी यही प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है। लेकिन यदि सरकारी खरीद में कमी आई और निजी क्षेत्र से मांग अपेक्षित स्तर तक नहीं बढ़ी, तो इस उद्योग को कंपनियों और सप्लायरों के लिए बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
