
● नई दिल्ली
देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में होने का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों की कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए पहले ही अनुबंध कर रखे हैं। इसके अतिरिक्त, देश के पास कुल 74 दिनों की आरक्षित भंडारण क्षमता भी उपलब्ध है, जबकि मौजूदा स्टॉक कवर लगभग 60 दिनों का है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप बिना किसी व्यवधान के आम जनता को ईंधन उपलब्ध करा रहे हैं।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे भ्रामक और शरारती अभियानों से सतर्क रहें। ऐसी अफवाहें बेवजह चिंता का माहौल बना सकती हैं, जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह संतुलित है।
पीआईबी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भारत वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देश 150 से अधिक देशों को रिफाइंड ईंधन की आपूर्ति करता है। इस मजबूत संरचना के कारण घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता स्थिर और सुनिश्चित बनी हुई है।
