
● कोलकाता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार शाम छह बजे प्रचार थम गया, लेकिन सियासी तापमान चरम पर बना रहा। इस चरण में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में एसाईआर और खान-पान की आदतों जैसे मुद्दे रहे। दोनों दलों ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए वादों की झड़ी लगाई और पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे रहे।
भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने कई क्षेत्रों में रैलियां कर चुनावी माहौल को धार दी। शाह ने समान नागरिक संहिता लागू करने, ‘सिंडिकेट राज’ समाप्त करने और युवाओं को रोजगार देने के वादे किए। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर उम्मीदवारों को डराने और घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने भी सभाओं के जरिए माहौल को गरमाए रखा। भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, घुसपैठ और ‘सोनार बांग्ला’ बनाम स्थानीय पहचान जैसे मुद्दे प्रचार के केंद्र में रहे।
पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है।
