
▪️मुंबई
मानसून अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। ऐसे मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने, कोशिकाओं को नुकसान से बचाने और संक्रमण से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आंवला विटामिन-सी का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। इसके अलावा अमरूद, संतरा, मौसंबी, नींबू, पपीता, कीवी और स्ट्रॉबेरी भी शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी उपलब्ध कराते हैं। यदि फलों के साथ शिमला मिर्च, ब्रोकोली, पालक और हरी पत्तेदार सब्जियों को भी भोजन में शामिल किया जाए तो रोग प्रतिरोधक क्षमता और बेहतर हो सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि विटामिन-सी गर्मी में जल्दी नष्ट हो सकता है, इसलिए फलों का सेवन ताज़ा करें और सब्जियों को अधिक देर तक पकाने से बचें। साथ ही विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को दाल, चना या अन्य आयरन युक्त भोजन के साथ खाने से आयरन का अवशोषण भी बेहतर होता है।
हालांकि केवल विटामिन-सी के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है। मानसून में संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, स्वच्छ भोजन और अच्छी नींद भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लंबे समय तक बुखार, खांसी या अन्य संक्रमण के लक्षण बने रहें तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बारिश के मौसम में बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
