
• मुंबई
मुंबई में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली सातों झीलों का कुल जलभंडार बढ़कर 50.77 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि के 38.47 प्रतिशत जलस्तर की तुलना में काफी बेहतर स्थिति है, हालांकि 2025 में इसी समय दर्ज 81.47 प्रतिशत के स्तर से अभी कम है।
बीएमसी के मुताबिक, अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा और मिडल वैतरणा झीलों में जलसंग्रह लगातार बढ़ रहा है। इन चारों झीलों में संयुक्त रूप से 53.86 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है। इनमें तानसा और मोडक सागर का जलस्तर 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिसे शहर की जलापूर्ति के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
मुंबई की सबसे बड़ी जलस्रोत भात्सा झील में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया है। फिलहाल इसमें 45.35 प्रतिशत जलसंग्रह है और लगातार हो रही बारिश के कारण इसका स्तर तेजी से बढ़ रहा है।
वहीं छोटी झीलों में विहार झील पूरी तरह भर चुकी है और पहले ही ओवरफ्लो हो चुकी है। दूसरी ओर, तुलसी झील भी लगभग 98 प्रतिशत भर गई है और यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो इसके भी जल्द लबालब भरने की संभावना है।
बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की अच्छी वर्षा से सभी जलाशयों में लगातार पानी बढ़ रहा है। यदि आगामी दिनों में मानसून इसी तरह मेहरबान रहा, तो मुंबई में पानी की कटौती की आशंका काफी हद तक समाप्त हो सकती है और शहर की जलापूर्ति पूरे वर्ष सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
