
▪️मुंबई। अस्पतालों और निजी चिकित्सा केंद्रों में फर्जी डॉक्टरों की घुसपैठ पर लगाम लगाने की दिशा में महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी पंजीकृत डॉक्टरों के लिए अपने क्लिनिक, अस्पताल या प्रैक्टिस सेंटर में ‘नो योर डॉक्टर’ की आधिकारिक क्यूआर कोड प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। डॉक्टरों को 31 अक्टूबर 2026 तक यह प्लेट लगानी होगी।
फर्जी एमएमसी प्रमाणपत्रों के आधार पर डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस करने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में मरीजों के साथ-साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज करने वाले डॉक्टर की वास्तविक पहचान और पंजीकरण की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए क्यूआर कोड व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि कोई डॉक्टर एक से अधिक अस्पताल या क्लिनिक में प्रैक्टिस करता है तो उसे प्रत्येक स्थान के लिए अलग केवायडी क्यूआर कोड प्लेट लेनी होगी। प्लेट ऐसी जगह लगानी होगी, जहां मरीज उसे आसानी से देख और स्कैन कर सकें।
