
▪️न्यूयार्क। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों के बीच Google अब अंतरिक्ष में AI चिप चलाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने ‘Project Suncatcher’ के तहत अपना पहला प्रायोगिक उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या भविष्य में सौर ऊर्जा से संचालित AI कंप्यूटिंग सिस्टम को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जा सकता है।
Google के मुताबिक, प्रोटोटाइप उपग्रह में कंपनी की Tensor Processing Units (TPUs) लगाई गई हैं। इसे Planet Labs के साथ मिलकर तैयार किया गया है और SpaceX के Transporter-18 राइडशेयर मिशन के जरिए निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में भेजे जाने की योजना है। रिपोर्टों के अनुसार प्रक्षेपण 1 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
पहले मिशन का मकसद अंतरिक्ष में पूरा AI डेटा सेंटर स्थापित करना नहीं, बल्कि यह जांचना है कि AI चिपें प्रक्षेपण के दौरान होने वाले कंपन और दबाव, विकिरण तथा अत्यधिक तापमान में किस तरह काम करती हैं। इसके अलावा अंतरिक्ष के निर्वात में चिपों से निकलने वाली गर्मी को नियंत्रित करने की तकनीक का भी परीक्षण किया जाएगा।
Google की दीर्घकालिक योजना अंतरिक्ष में कई उपग्रहों को जोड़कर बड़े पैमाने पर AI कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने की है। कंपनी 2027 में दो और उपग्रहों के जरिए हाई-बैंडविड्थ लेजर संचार का परीक्षण करने की योजना बना रही है।
Google का कहना है कि पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों को लगभग लगातार सूर्य का प्रकाश मिल सकता है, जिससे भविष्य में ऊर्जा-गहन AI कंप्यूटिंग के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग संभव हो सकता है। हालांकि, कंपनी के अनुसार अभी यह शुरुआती शोध और परीक्षण का चरण है।
