
▪️मुंबई। सितंबर की पूर्णिमा इस बार रात के आसमान को खास बना देगी। 26 सितंबर 2026 की रात भारत के अलग-अलग हिस्सों में ‘हार्वेस्ट मून’ यानी फसल का चांद दिखाई देगा। पूर्णिमा के आसपास चंद्रमा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक चमकीला और आकर्षक नजर आएगा।
भारतीय समयानुसार 26 सितंबर की रात करीब 10:19 बजे चंद्रमा पूर्णिमा की स्थिति में होगा। हालांकि, 25 और 27 सितंबर की रात भी चंद्रमा लगभग पूर्ण आकार में दिखाई देगा। इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। साफ मौसम होने पर खुले स्थान से इसे आसानी से देखा जा सकेगा।
- खेती से जुड़ा है नाम
‘हार्वेस्ट मून’ नाम के पीछे सदियों पुरानी कृषि परंपरा है। शरद ऋतु के आसपास आने वाली पूर्णिमा की चांदनी किसानों के लिए सूर्यास्त के बाद खेतों में काम करने में मददगार मानी जाती थी। इसी कारण इस पूर्णिमा को ‘फसल का चांद’ कहा जाने लगा।
खगोलीय दृष्टि से भी इस बार का नजारा दिलचस्प होगा। सितंबर के आसमान में हार्वेस्ट मून के आसपास शनि और नेपच्यून भी नजर आ सकते हैं। हालांकि इन्हें देखने की स्पष्टता स्थान, मौसम और प्रकाश प्रदूषण पर निर्भर करेगी।
- ध्यान और साधना से भी जुड़ा महत्व
पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी माना जाता है। कई परंपराओं में इस दिन ध्यान, प्रार्थना और आत्मचिंतन किया जाता है। हालांकि चंद्रमा की स्थिति और आध्यात्मिक प्रभावों से जुड़ी मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्यों से अलग समझना चाहिए।
26 सितंबर की रात आसमान साफ रहा तो चांद देखने के लिए यह एक अच्छा अवसर होगा। शहरों में भी अपेक्षाकृत कम रोशनी वाले खुले स्थान से इस खगोलीय नजारे का आनंद लिया जा सकता है।
