- 500 किसानों को 28 सितंबर को प्रशिक्षण, जैविक खाद और कीट नियंत्रण की तकनीक भी सीखेंगे

▪️जौनपुर। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच जौनपुर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल शुरू की गई है। आदि गंगा गोमती के किनारे बसे जिले के 55 गांवों को पहले चरण में योजना से जोड़ा गया है। इन गांवों के किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाने के साथ जरूरी उपकरण भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
योजना के तहत जिले के 10 विकास खंडों के 6,775 किसानों को जोड़ने और करीब 3,750 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 10 क्लस्टर बनाए गए हैं। चयनित किसानों में से 500 को 28 सितंबर को कृषि विज्ञान केंद्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग के विशेषज्ञ बाद में भी गांवों में पहुंचकर किसानों को जैविक उत्पाद तैयार करने में मदद करेंगे।
- खेत में ही तैयार होंगे प्राकृतिक उत्पाद
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत, बीजामृत और घनामृत तैयार करने की विधि बताई जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक तरीके से कीट और रोग नियंत्रण की तकनीक भी सिखाई जाएगी। मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए फसल चक्र, मल्चिंग और अन्य उपायों की जानकारी दी जाएगी।
- योजना में बदलापुर, खुटहन, बक्शा, करंजाकला, धर्मापुर, सिरकोनी, मुफ्तीगंज, जलालपुर, केराकत और डोभी विकास खंड शामिल हैं।
कृषि विभाग के अनुसार प्राकृतिक खेती में स्थानीय और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य खेती में रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करना और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना है।
