- मुंबई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर रोक लगाने के लिए Meta ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। कंपनी ने ऐसे नए AI टूल्स तैनात किए हैं, जो आपत्तिजनक विज्ञापनों के साथ-साथ उन विज्ञापनों की भी पहचान कर सकेंगे, जो सीधे तौर पर प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध कराने वाली बाहरी वेबसाइटों तक पहुंचाते हैं।

Meta के अनुसार, नई व्यवस्था में बड़े भाषा मॉडल (LLM) आधारित तकनीक, AI से संचालित जांच और अपने ही सुरक्षा तंत्र की कमियों को तलाशने वाला ‘रेड-टीमिंग’ AI एजेंट शामिल है। कंपनी का कहना है कि इससे अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों की पहचान कर उन्हें शुरुआती स्तर पर रोकने में मदद मिलेगी।
Meta ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित 53 लाख कंटेंट पर कार्रवाई की गई। इनमें 98 प्रतिशत से अधिक मामलों की पहचान और कार्रवाई उपयोगकर्ताओं की शिकायत से पहले ही कर ली गई थी। वैश्विक स्तर पर इसी अवधि में 3.32 करोड़ ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई की गई।
कंपनी ने यह भी कहा कि वह संदिग्ध खातों, आपत्तिजनक लिंक और दोबारा अपराध करने वाले उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए AI आधारित तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा रही है। साथ ही, ऐसे मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी सहयोग किया जा रहा है।
