- मुंबई। महाराष्ट्र में मानसून की बेरुखी के बाद अब बढ़ती गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस साल पर्याप्त बारिश नहीं होने से पहले ही खेती पर संकट मंडरा रहा है। किसानों को विदाई लेते मानसून से राहत की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने निराश किया। अब अक्टूबर में ही गर्मी का असर तेज होने लगा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कोंकण क्षेत्र में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। दोपहर के समय तेज गर्मी के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
मौसम में इस बदलाव के बीच मन्नार की खाड़ी के पास चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की जानकारी भी सामने आई है। इसके साथ ही राज्य में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
- खेती और पेयजल पर मंडराया संकट
बारिश की कमी और बढ़ती गर्मी का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ने की आशंका है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, जलस्रोतों पर दबाव बढ़ने से आने वाले समय में पेयजल की समस्या भी गंभीर हो सकती है।
रिपोर्ट में वर्ष 2027 के मानसून के दौरान अल नीनो का प्रभाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। यदि इसका असर बारिश पर पड़ता है, तो महाराष्ट्र में सूखे और जल संकट की चुनौती और गहरी हो सकती है। ऐसे में जल संरक्षण और उपलब्ध पानी का विवेकपूर्ण उपयोग बेहद जरूरी होगा।
