
▪️मुंबई । भारतीयों में बचत और निवेश की आदत तेजी से बदल रही है। अब युवा पीढ़ी भी कम उम्र से ही आर्थिक भविष्य सुरक्षित करने के प्रति जागरूक हो रही है। एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, 65 प्रतिशत भारतीयों ने 30 वर्ष की उम्र से पहले ही निवेश शुरू कर दिया था। वहीं, 80 प्रतिशत बचतकर्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने पैसे का प्रबंधन कर रहे हैं।
‘स्टेबल मनी’ और ‘यूगोव’ के संयुक्त सर्वेक्षण में 1,003 बचतकर्ताओं की राय शामिल की गई। इसके अनुसार, 39 प्रतिशत लोगों ने 18 से 25 वर्ष की उम्र में बचत शुरू कर दी थी, जबकि 26 प्रतिशत ने 26 से 30 वर्ष के बीच निवेश की शुरुआत की। कुल 82 प्रतिशत लोगों ने 35 वर्ष की उम्र तक बचत करना शुरू कर दिया था।
निवेश के विकल्पों में म्यूचुअल फंड 23 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद रहा। वहीं, 21 प्रतिशत ने बैंक एफडी और आरडी को प्राथमिकता दी। सोना-चांदी में 14 प्रतिशत, शेयर बाजार में 12 प्रतिशत और बीमा एवं बचत योजनाओं में 10 प्रतिशत लोगों ने निवेश किया।
सर्वेक्षण में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी सामने आई। 56 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि वे परिवार के आर्थिक फैसले स्वयं लेते हैं। महिलाओं में 46 प्रतिशत ने वित्तीय निर्णय खुद लेने की बात कही, जबकि 29 प्रतिशत जीवनसाथी के साथ मिलकर फैसले करती हैं।
पीढ़ियों के आर्थिक लक्ष्यों में भी अंतर दिखाई दिया। जेन-जी के 26 प्रतिशत युवाओं की प्राथमिकता अपना घर खरीदना है, जबकि जेन-एक्स के 35 प्रतिशत लोग सेवानिवृत्ति के बाद की आर्थिक सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं। सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि बचत की परंपरा कायम है, हालांकि इसके तरीके और प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
