■ अस्पताल के 100 साल पूरे

● मुंबई
मुंबई का ऐतिहासिक किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। एक सदी से अधिक समय तक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ बना यह संस्थान अब शताब्दी वर्ष में प्रवेश के साथ आधुनिक चिकित्सा और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में नए कदम बढ़ा रहा है।
वर्ष 1926 में स्थापित केईएम अस्पताल ने पिछले सौ वर्षों में लाखों मरीजों को जीवनदान दिया है। सामान्य उपचार से लेकर जटिल और विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं तक, यह अस्पताल भरोसे का प्रतीक रहा है। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी केईएम की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जहां से प्रशिक्षित चिकित्सक देश ही नहीं, विदेशों में भी सेवाएं दे रहे हैं।
शताब्दी वर्ष के अवसर पर अस्पताल की डीन डॉ. संगीता रावत ने बताया कि केईएम अस्पताल भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीकी और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर केंद्रित है। प्रस्तावित योजनाओं में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘आयुष्मान शताब्दी टावर’ का निर्माण, रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत शल्य-चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत, खेल से जुड़ी चोटों के उपचार के लिए स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग की स्थापना तथा गंभीर मरीजों के लिए आधुनिक आईसीयू केंद्रों का विकास शामिल है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित केईएम अस्पताल की पहचान हमेशा से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की रही है। एक सदी की सेवा यात्रा के बाद अब केईएम अस्पताल नए संकल्पों और आधुनिक दृष्टि के साथ अगले सौ वर्षों की ओर अग्रसर है।
