■ छात्र आत्महत्या की घटनाओं के बाद लिया गया अहम निर्णय

● कानपुर
आईआईटी कानपुर ने छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। कैंपस में एक महीने से भी कम समय के भीतर दो छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद संस्थान ने निर्णय लिया है कि अब सभी नए छात्रों की प्रवेश के पहले सप्ताह में मानसिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक समस्याओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करना है, ताकि समय रहते छात्रों को आवश्यक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। दिसंबर और जनवरी के बीच एक पीएचडी शोधार्थी और एक अंतिम वर्ष के स्नातक छात्र की मृत्यु ने संस्थान प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय को गहरी चिंता में डाल दिया था। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
● जोखिम वाले छात्रों को तत्काल सहयोग
मानसिक स्वास्थ्य जांच पूरी तरह पेशेवर और गोपनीय तरीके से की जाएगी, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की असहजता न हो। जिन छात्रों को मध्यम या गंभीर मानसिक जोखिम की श्रेणी में पाया जाएगा, उनसे प्रशिक्षित काउंसलर सीधे संपर्क करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर उनका विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा और मनोचिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
● मानसिक रूप से सुरक्षित कैंपस की दिशा में कदम
आईआईटी कानपुर इस पहल को केवल स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रख रहा है। संस्थान पूरे कैंपस को मानसिक रूप से संवेदनशील और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के लिए नियमित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है। इसमें सुरक्षा गार्ड, मेडिकल स्टाफ, लाइब्रेरी और मेस के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि संकट के शुरुआती संकेत समय पर पहचाने जा सकें।
● शिक्षा मंत्रालय की तीन सदस्यीय समिति गठित
शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर की हालिया घटनाओं की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे कर रहे हैं। इसमें एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को भी शामिल किया गया है। समिति संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सरकारी दिशानिर्देशों के पालन की समीक्षा करेगी और हालिया घटनाओं के कारणों, प्रणालीगत कमियों तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर अपनी सिफारिशें देगी। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
