■ फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम से जोड़े गए कंट्रोल रूम
■ परेड रूट पर चौबीसों घंटे डिजिटल निगरानी

● नई दिल्ली
गणतंत्र दिवस 2026 के मद्देनज़र राजधानी दिल्ली पूरी तरह हाई-टेक सुरक्षा कवच में आ गई है। कर्तव्य पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की है। परेड रूट सहित राजधानी के प्रमुख मार्गों पर एक हज़ार से अधिक एचडी सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं, जो हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेंगे।
दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ क्षेत्र में छह अत्याधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए मेटल कंटेनरों में बनाए गए ये कंट्रोल रूम किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इनमें से एक प्रमुख कंट्रोल रूम सीधे कर्तव्य पथ पर स्थित है, जहां से पूरे परेड क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए इन कंट्रोल रूमों को फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से जोड़ा गया है। इस प्रणाली में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों का डेटा पहले से फीड किया गया है, जिससे संदिग्ध चेहरों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई संभव हो सकेगी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह तकनीक संभावित खतरों को शुरुआती चरण में ही चिन्हित करने में निर्णायक साबित होगी।
गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनज़र दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कर्तव्य पथ और उससे सटे इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्रतिबंध भी लागू किए हैं। डीसीपी ट्रैफिक राजीव कुमार के अनुसार, परेड रूट के आसपास कंट्रोल ज़ोन बनाया गया है, जहां केवल वैध वाहन पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। आम नागरिकों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक से बचने के लिए तकनीकी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और मैदानी सुरक्षा बलों के बीच हर स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है, ताकि गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
