
● मुंबई
महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 5 फरवरी को मतदान होगा, जबकि 7 फरवरी को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया 21 जनवरी को पूरी हो चुकी है और 27 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने की अंतिम समय-सीमा तय की गई है।
नाम वापसी के मौजूदा चरण में चुनावी तस्वीर कई स्थानों पर बदलती नजर आ रही है। अब तक इस प्रक्रिया का सबसे अधिक लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला है, जिसके 8 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
सिंधुदुर्ग जिला परिषद चुनाव में खारेपाटण से प्राची इस्वालकर, बांदा से प्रमोद कामत, पडेल से सुयोगी रविंद्र घाडी, बापर्डे से अवनी अमोल तेली तथा जाणवली से रुहिता राजेश तांबे निर्विरोध चुनी गई हैं। विरोधी प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के कारण इन सभी सीटों पर मतदान की आवश्यकता नहीं रही और भाजपा को सीधे जीत हासिल हुई।
पंचायत समिति स्तर पर भी भाजपा की स्थिति मजबूत होती दिखाई दे रही है। वरवडे पंचायत समिति में भाजपा प्रत्याशी सोनू सावंत निर्विरोध निर्वाचित हुए। प्रारंभ में यहां तीन उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन ठाकरे गुट के सुधीर सावंत और मनसे के शांताराम साधे द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद सोनू सावंत अकेले उम्मीदवार रह गए।
देवगढ़ तालुका में भी भाजपा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चूंकि नाम वापसी की अंतिम तिथि अभी शेष है, इसलिए आने वाले दिनों में और भी सीटों पर निर्विरोध परिणाम सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
