
● श्रीनगर
कश्मीर घाटी में हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे इलाके की सूरत बदल दी है। चारों ओर फैली बर्फ की सफेद चादर ने घाटी को मनोरम दृश्य में तब्दील कर दिया है। बच्चे और ग्रामीण बर्फ में अठखेलियां करते नज़र आए, वहीं ठिठुरन भरे मौसम के बीच लोगों ने इस प्राकृतिक सौंदर्य का उत्साह के साथ स्वागत किया।
लगातार दूसरे दिन हुई बर्फबारी और फिसलन के कारण जम्मू–श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पटनीटॉप, नथाटॉप, सनासर, बाटोटे, बनिहाल और गुल सहित आसपास के इलाकों में दूसरी रात भी जमकर बर्फ गिरी, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। एनएच-44 और एनएच-244 के अवरुद्ध रहने से आवाजाही ठप रही और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कई इलाकों में दुकानों के शटर तक नहीं खुल सके।
भारी बर्फबारी के चलते बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। सीमित संसाधनों के कारण प्रशासन और संबंधित विभागों के राहत एवं बहाली कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
हालांकि, यह बर्फबारी पर्यटन उद्योग के लिए संजीवनी साबित हो रही है। देश-विदेश से आए पर्यटक बर्फीले नज़ारों का आनंद लेते दिखे। इससे होटल कारोबारियों, टैक्सी चालकों और स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
सिंधु घाटी में भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर–जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा, जिसके कारण हजारों वाहन विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। श्रीनगर शहर में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन सामान्य बना हुआ है।
तापमान की बात करें तो सिंधु घाटी के कई क्षेत्रों में रात का पारा जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में माइनस 6.2, कोकरनाग में माइनस 5 और कुपवाड़ा में माइनस 3.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
