
● नई दिल्ली
चांदी ने एक बार फिर कीमतों के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। वैश्विक बाजार COMEX में 100 डॉलर का स्तर पार करने के बाद चांदी ने नया इतिहास रचते हुए सोमवार, 26 जनवरी को 114 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा छू लिया। अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस उछाल का असर भारतीय बाजार में भी साफ दिखा, जहां चांदी का भाव लगभग ₹3.68 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर पहुंच गया।
यह स्तर चांदी का अब तक का ऑल टाइम हाई माना जा रहा है। COMEX के आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में चांदी में करीब 13 प्रतिशत यानी 13.15 डॉलर की तेज़ उछाल दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया है।
चांदी की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अब यह सवाल जोर पकड़ने लगा है कि क्या अगले पांच दिनों में इसकी कीमत ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के पार जा सकती है। बाजार जानकारों का कहना है कि यह संभावना पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकती। इंडस्ट्रियल डिमांड में लगातार बढ़ोतरी, निवेशकों की मजबूत भागीदारी और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता ने चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यही रुझान बना रहा, तो चांदी में और भी बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है।
वैश्विक स्तर पर डॉलर की कमजोरी ने भी कीमती धातुओं को सहारा दिया है। इसके साथ ही रिटेल निवेशकों की आक्रामक खरीदारी, शॉर्ट पोजिशन फंसने से बना शॉर्ट स्क्वीज और चीन के एक्सपोर्ट कंट्रोल को लेकर सप्लाई टाइट होने की आशंका ने कीमतों में आग लगा दी है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सेफ-हेवन के तौर पर चांदी की मांग बढ़ना भी इस तेजी का अहम कारण माना जा रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति से भी बाजार को समर्थन मिला है। निवेशकों को उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है, जबकि 2026 में दो बार रेट कट की संभावना को बाजार पहले से कीमतों में शामिल कर रहा है। यदि फेड का रुख नरम रहा, तो चांदी की चमक और तेज हो सकती है।
