■ मुंबई–नई मुंबई मेट्रो लाइन–8 को मिली कैबिनेट की मंज़ूरी

● मुंबई
मुंबई महानगर क्षेत्र के यातायात मानचित्र में एक बड़ा और दूरगामी बदलाव तय हो गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ेंगे। 35 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन–8 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल अवसंरचना समिति की बैठक में हरी झंडी दे दी गई है।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन–8 में कुल 35 किलोमीटर का मार्ग होगा, जिसमें 9.25 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत और 24.636 किलोमीटर एलिवेटेड रहेगा। इस रूट पर 20 स्टेशन प्रस्तावित हैं—6 भूमिगत और 14 एलिवेटेड। मेट्रो का सफ़र छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल–2 से भूमिगत शुरू होकर घाटकोपर (पूर्व) तक जाएगा, जबकि घाटकोपर (पश्चिम) से नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल–2 तक एलिवेटेड मार्ग पर चलेगा। दो स्टेशनों के बीच औसत दूरी लगभग 1.9 किलोमीटर रखी गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 22,862 करोड़ रुपए बताई गई है। इसके लिए लगभग 30.7 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर करीब 388 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मेट्रो लाइन–8 को पीपीपी (पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें 20 प्रतिशत भागीदारी केंद्र सरकार, 20 प्रतिशत राज्य सरकार और शेष निजी भागीदार की होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सामान्यतः पांच वर्षों में पूरी होने वाली इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाए। यह मेट्रो लाइन लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों को जोड़ने के साथ-साथ तीन अन्य मेट्रो लाइनों से इंटरचेंज सुविधा भी प्रदान करेगी, जिससे मुंबई और नई मुंबई के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।
