
● मुंबई
प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए अभद्र व्यवहार और अपमान पर आक्रोश की लहर मुंबई में भी फैली है। यहां मुंबई में अनेक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज मेला प्रशासन की हरकतों पर तगड़ी नाराजगी व्यक्त की है। मुंबई के श्रद्धालुओं ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी दर्शायी है। यहां सोमवार को देर शाम बोरीवली के योगीनगर में हुए कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के समर्थन में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, गौसांसदों, गौरक्षकों, डॉक्टरों, वकीलों व अन्य कई क्षेत्रों के मानिंद लोगों ने आक्रोश बैठक की। सभी ने शंकराचार्य प्रकरण पर एक स्वर में विरोध की आवाज बुलंद की।
स्वस्तिश्री फाउंडेशन के संस्थापक राजकुमार जाजू के संयोजन में ‘हिंदु मान रक्षा सभा’ के बैनर तले हुई इस बैठक में गर्मजोशी से कहा गया कि किसी भी परिस्थिति में देश के साधु, संतों, सन्यासियों के प्रति अप्रतिष्ठा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया है। महाराजश्री द्वारा स्थापित गौसंसद के महाराष्ट्र प्रभारी सुनील संतावले, अभिषेक जाजू, चंदन शर्मा, एडवोकेट निमेश मेहता, डाॅ सुरेश यादव, अवनीश द्विवेदी, नंदकिशोर चतुर्वेदी, राजेंद्र तेमानी, देव ओझा, डॉ. राजन कवले, शमिका कदम, योगेश महागडे, विलाश आम्बरे आदि ने जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के समर्थन में संघर्ष का ऐलान किया।
प्रयागराज माघ मेला में जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी के साथ हुए अभद्र व्यवहार की भक्तों ने कड़े शब्दों में निंदा करते मेला प्रशासन माफी मांग कर उन्हें ससम्मान स्नान कराने की मांग की। इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जगतगुरु शंकराचार्य को न्याय दिलाने की मांग मुंबई के भक्तगण करेंगे।
