
● मुंबई
देश के कई बड़े शहरों में शनिवार को ऐप-आधारित राइड सेवाएं ठप पड़ सकती हैं। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों की गिग वर्कर यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसे ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन कर रही है, जिसे कई राष्ट्रीय श्रम संगठनों का समर्थन हासिल है।
यूनियनों के मुताबिक विरोध के तहत ड्राइवर कम से कम छह घंटे के लिए ऐप से ऑफलाइन रहेंगे। इसका असर कैब, ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी सेवाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है। यात्रियों को खासकर पीक आवर्स में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
गिग वर्कर संगठनों का आरोप है कि राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म किराया तय करने में मनमानी कर रहे हैं। जबकि इस सेक्टर के नियमन के लिए मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 पेश की गई थीं। यूनियनों का कहना है कि सरकार ने अब तक न्यूनतम बेस किराया नोटिफाई नहीं किया है, जिससे ड्राइवरों की आमदनी घटी है और काम की शर्तें और कठिन हुई हैं।
TGPWU ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि गाइडलाइंस होने के बावजूद प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। यूनियन की प्रमुख मांगों में न्यूनतम किराया तय करना, प्रभावी रेगुलेशन लागू करना और कमर्शियल राइड के लिए प्राइवेट गाड़ियों के गलत इस्तेमाल पर रोक शामिल है। यूनियनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
