- 7/12 रिकॉर्ड की गड़बड़ियां ठीक होंगी

● मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि अब राज्य के प्रत्येक खेत और भूमि खंड को यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर ( यू एल पी आई एन) दिया जाएगा, जिसे ‘भू-आधार’ कहा जाएगा।
इस पहल के तहत कृषि भूमि के सभी उपविभागों (पोट हिस्से) का भौतिक मापन किया जाएगा, ताकि वर्षों से चली आ रही भूमि मानचित्र और 7/12 उतारों के बीच की विसंगतियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। मंत्री ने बताया कि अब तक कई उपविभाग बिना वास्तविक माप के दर्ज हुए थे, जिससे भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद और भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।
नई योजना के अंतर्गत प्रत्येक भूमि खंड को डिजिटल मानचित्रों से जोड़ा जाएगा और 7/12 रिकॉर्ड से सटीक रूप से मिलान किया जाएगा। ‘भू-आधार’ एक ही पहचान संख्या के माध्यम से जमीन से जुड़ी सभी जानकारियों तक आसान और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करेगा। यह पहल डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती देने के साथ किसानों और भूमि मालिकों को बड़ा लाभ पहुंचाएगी।
