■ चुनाव आयोग की तैयारियां अंतिम चरण में

● नई दिल्ली
देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग की तैयारियों से जुड़े संकेत बताते हैं कि इन राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा मार्च के पहले सप्ताह में की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में भी इन पांचों राज्यों में एक साथ विधानसभा चुनाव हुए थे, जिनकी घोषणा 26 फरवरी को हुई थी।
इस बार हालांकि मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के कारण चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में कुछ दिन की देरी की संभावना जताई जा रही है। आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
● मैदानी हालात पर आयोग की नजर
चुनाव आयोग 15 फरवरी के बाद इन सभी राज्यों का दौरा शुरू कर सकता है। इससे पहले जमीनी परिस्थितियों और प्रशासनिक तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से आयोग ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को राज्यों में भेजना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में एक टीम असम पहुंच चुकी है, जबकि अन्य राज्यों के लिए भी टीमें शीघ्र रवाना होने वाली हैं।
● पर्यवेक्षकों के साथ मंथन
चुनावी तैयारियों को लेकर आयोग ने हाल ही में इन पांचों राज्यों में तैनात किए जाने वाले पर्यवेक्षकों के साथ अहम बैठक की। बैठक में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, सतर्कता, आदर्श आचार संहिता और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
चुनाव आयोग के मुताबिक, असम की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित होगी। पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी की मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की जाएगी, जबकि तमिलनाडु की अंतिम सूची 17 फरवरी को प्रकाशित होगी। इसके बाद आयोग राज्यों में चुनावी तैयारियों की औपचारिक समीक्षा शुरू करेगा।
● राजनीतिक दृष्टि से निर्णायक मुकाबला
मार्च में संभावित ये विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में वर्तमान में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, जबकि असम और पुडुचेरी में एनडीए सत्ता में है। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे केवल राज्यों की राजनीति ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सियासी समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकते हैं।
