■ प्रेम ही सर्वोच्च पूजा, सेवा सबसे बड़ा धर्म – शिवराज सिंह चौहान

सागर@मध्य प्रदेश
आत्मा के मोक्ष और जगत के हित के लिए रामकथा कहने वाले प्रेममूर्ति पूज्यश्री प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि भगवान अपने शरणागत की हर प्रकार से रक्षा करते हैं, किंतु उनकी शरण में वही जीव पहुँच पाता है जो अत्यंत पुण्यशाली होता है। भगवान के लिए कुछ भी अदेय नहीं है, वे जगत के दाता हैं और समस्त संसार उनसे ही याचना करता है। उन्होंने कहा कि संसार में निर्भयता सबको प्राप्त नहीं होती; परमार्थी, सदाचारी, सत्यवादी और तत्ववेत्ता ही सच्ची निर्भयता का अनुभव करते हैं। मध्यप्रदेश के सागर जिले में आयोजित रामकथा में वे बोल रहे थे।
रामकथा के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और कर्म के महत्व को स्पष्ट करते हुए प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि इन तीनों मार्गों में कर्म पथ को विशेष श्रेष्ठता प्राप्त है। यह संदेश स्वयं प्रभु राम और कृष्ण ने भी दिया है। जब तक भारत भूमि पर रामकथा की अविरल रसधार प्रवाहित होती रहेगी, तब तक देश की धर्म-संस्कृति और अस्मिता अक्षुण्ण रहेगी। रामकथा ही भारत के आध्यात्मिक अस्तित्व की सशक्त आधारशिला है।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रेम से बढ़कर भगवान की कोई पूजा नहीं और सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता। उन्होंने रामकथा को समाज में नैतिकता, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने वाला महाआंदोलन बताया।
