■ मुंबई में ‘वाग्धारा’ का भव्य सम्मान समारोह संपन्न
■ विश्वनाथ सचदेव, शैलेंद्र श्रीवास्तव व अन्य सम्मानित

● मुंबई
मुंबई में सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था ‘वाग्धारा’ की ओर से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें लेखन, शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, कला और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों को ‘वाग्धारा सम्मान’ से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी रहे, जिन्होंने अपने करकमलों से सम्मान प्रदान किए।
अपने संबोधन में श्री कोश्यारी ने कहा कि भारत को वैश्विक विकास की दौड़ में तेज गति से आगे बढ़ना होगा, लेकिन इसके साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों को भी संजोकर रखना अत्यंत आवश्यक है। यह हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमने अपनी विरासत की रक्षा नहीं की, तो हम चाहे कितनी भी “सोने की लंका” क्यों न बना लें, वह अंततः नष्ट हो जाएगी। उन्होंने जाति-पाति और भेदभाव के चलन के त्याग पर विशेष जोर दिया और कहा कि हम सब मिलकर सामाजिक समरसता पर जोर दें। उनका संदेश उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायक रहा।
चर्नीरोड स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल बिल्डिंग के हिंदुस्तानी प्रचार सभा के सभागृह में हुए इस सारगर्भित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। ‘वाग्धारा’ के अध्यक्ष डॉ.वागीश सारस्वत ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वरिष्ठ पत्रकार, कवि व लेखक विश्वनाथ सचदेव को जीवन गौरव सम्मान और शैलेन्द्र श्रीवास्तव को नेत्रपाल सिंह रेलसेवा वाग्धारा सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार, लेखक राकेश अचल, शंकर कन्नौजिया, जयंतीमाला मिश्र, फिल्मकार अरविंद बब्बल, रंगकर्मी विजय पंडित, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्रा, डॉ. संजय दुधाट, ‘कालनिर्णय’ के प्रमुख जयराज सालगांवकर, कवि अरविंद राही, डॉ. सुलभा कोरे, फिल्मकार रूमी जाफरी, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. अभिनंदन बल्लारी, सचिन नाइक (अमित नाइक), डॉ. निखिल तारी, डॉ. फाज़िल मोहम्मद बिन बशीर, डॉ. केतन इंद्रकुमार चावड़ा, भूपेंद्र गौड़, अनिल गोविंद धाले, अजय कुमार झा, संतोष थामी और रवि यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
