■ हेनले इंडेक्स में 75वें स्थान पर पहुंचा भारत, 56 देशों में वीजा-फ्री या ऑन-अराइवल सुविधा

● नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता अब उसके पासपोर्ट की ताकत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। दुनिया के प्रभावशाली पासपोर्ट्स का आकलन करने वाले Henley & Partners द्वारा जारी Henley Passport Index में भारत ने इस वर्ष उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए 10 स्थानों की छलांग लगाई है।
पिछले वर्ष 85वें पायदान पर रहा भारतीय पासपोर्ट अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है। यह परिवर्तन केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, इसका सीधा लाभ आम भारतीय यात्रियों को मिलेगा। ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब भारतीय नागरिक 56 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। इससे कई देशों की यात्रा के लिए पूर्व वीजा प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलेगी।
यह सूचकांक देशों को इस आधार पर रैंक देता है कि उनके नागरिक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा के प्रवेश पा सकते हैं। रैंकिंग जितनी बेहतर होती है, उतनी ही वैश्विक गतिशीलता और कूटनीतिक साख मजबूत मानी जाती है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो वर्ष 2006 में भारत 71वें स्थान तक पहुंचा था, जो अब तक की सर्वोच्च रैंकिंग रही है। इसके बाद भारतीय पासपोर्ट 80वें और फिर 85वें स्थान तक खिसक गया था। ऐसे में मौजूदा सुधार को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और कूटनीतिक सक्रियता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
