
● न्यूयार्क
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपनी दशकों पुरानी पाबंदी हटाते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को आईफोन जैसे आधुनिक निजी स्मार्टफोन अंतरिक्ष में ले जाने की सशर्त अनुमति दे दी है। यह बदलाव तकनीकी मानकों की विस्तृत समीक्षा और सुरक्षा परीक्षणों के बाद किया गया है।
यह निर्णय आगामी मानव अभियानों SpaceX Crew-12 और Artemis II को ध्यान में रखकर लिया गया है। आर्टेमिस-II मिशन चंद्रमा की परिक्रमा करने वाला ऐतिहासिक अभियान होगा, जबकि क्रू-12 अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए नियोजित उड़ान है।
पहले क्यों था प्रतिबंध?
नासा निजी मोबाइल फोन को तीन प्रमुख कारणों से जोखिमपूर्ण मानता था-
- लिथियम-आयन बैटरी का खतरा: बैटरी में थर्मल रनअवे की स्थिति में आग लगने की आशंका, जो माइक्रोग्रैविटी में गंभीर संकट बन सकती है।
- अंतरिक्षीय विकिरण: उच्च स्तर के कॉस्मिक रेडिएशन से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के फेल होने का जोखिम।
- इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस: संचार और नेविगेशन जैसे संवेदनशील सिस्टम में बाधा की संभावना।
अब क्या होंगी शर्तें?
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आईफोन या अन्य स्मार्टफोन केवल तभी ले जाए जा सकेंगे जब वे कठोर सुरक्षा परीक्षणों से गुजरें। इनमें बैटरी सुरक्षा, विकिरण सहनशीलता और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) की जांच अनिवार्य होगी।
इन उपकरणों को मिशन के मुख्य नियंत्रण तंत्र से अलग रखा जाएगा और उनका उपयोग सीमित व्यक्तिगत संचार तथा निजी दस्तावेज़ीकरण तक ही रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक संतुलन, परिवार से संपर्क और मिशन अनुभव के डिजिटल रिकॉर्ड को सहज बनाने में सहायक होगा। नासा की यह नीति अंतरिक्ष अभियानों में तकनीकी प्रगति और मानवीय जरूरतों के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन मानी जा रही है।
