
● लखनऊ
उत्तर प्रदेश की आधारभूत संरचना को नई रफ्तार देने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अब और विस्तृत रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्ताव है कि इसका विस्तार सोनभद्र के शक्तिनगर से आगे हरिद्वार तक किया जाए, जिस पर करीब 40 से 45 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
मेरठ से प्रयागराज तक का निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। अभी यह दूरी तय करने में 11 से 12 घंटे लगते हैं, जबकि एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यात्रा समय घटकर 6 से 7 घंटे रह जाएगा। इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन तेज होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने प्रयागराज से सोनभद्र के शक्तिनगर तक लगभग 350 किलोमीटर लंबे नए खंड के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए एलाइनमेंट के तीन विकल्प तैयार किए जाएंगे, जिनमें से एक का चयन कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रस्तावित विस्तार प्रयागराज से आगे मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र तक पहुंचेगा। इससे पूर्वांचल के इन जिलों में औद्योगिक, कृषि और सेवा क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं खुलेंगी। अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज और सोनभद्र के बीच तीन स्थानों पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है।
प्रयागराज से सोनभद्र खंड पर ही 25 से 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। संपूर्ण विस्तार योजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है तो गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को पश्चिम से पूर्व और फिर उत्तर दिशा में हरिद्वार तक जोड़ते हुए आर्थिक विकास की नई धुरी बन सकता है।
