
● मुंबई
मुंबई में राज्य के आगामी अर्थसंकल्पीय अधिवेशन से पूर्व आयोजित पत्रकार परिषद में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार की प्राथमिकताओं और “लाडकी बहन योजना” को लेकर बड़ा वक्तव्य दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपने वादों पर अडिग है और आने वाला बजट महाराष्ट्र को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
शिंदे ने पिछले वर्ष के बजट का स्मरण करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने तब घोषणा की थी-“महाराष्ट्र अब थमेगा नहीं।” उन्होंने पवार की वित्तीय अनुशासन और स्पष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए बताया कि आर्थिक संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है।
इस बार का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रस्तुत करेंगे। शिंदे ने उन्हें सक्षम अर्थदृष्टि वाला नेता बताते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक नाड़ी पर उनकी गहरी पकड़ है और यह बजट विकासोन्मुखी होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से सरकार “सामान्य नागरिकों की सरकार” के रूप में कार्य कर रही है।
लाडकी बहन योजना पर बोलते हुए शिंदे ने कहा कि इस योजना को प्रारंभ करने का निर्णय उन्होंने, फडणवीस और अजित पवार ने मिलकर लिया था। लगभग 45 हजार करोड़ रुपये के संभावित व्यय के बावजूद योजना लागू की गई और आर्थिक संतुलन भी बनाए रखा गया। उन्होंने बताया कि चुनाव के समय बहनों के सम्मान निधि को 2100 रुपये तक बढ़ाने का वादा किया गया था और सरकार उसे उचित समय पर पूरा करेगी।
विपक्ष पर प्रहार करते हुए शिंदे ने कहा कि जो लोग आज राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वही पहले योजना में अड़चन डाल रहे थे। सरकार घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, वचन निभाने में विश्वास करती है, यह संदेश उन्होंने दृढ़ता से दोहराया।
