
● नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि सरकारें ऐसी नीति तैयार करें, जिसके तहत एसिड अटैक पीड़ितों को सरकारी विभागों या एजेंसियों में रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। यदि यह संभव न हो, तो उनके लिए गुज़ारा भत्ता देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मामले की सुनवाई कर रही पीठ, जिसमें जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची शामिल थे, ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब मांगा है कि अब तक एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों से जुड़ी कोई ठोस योजना क्यों नहीं बनाई गई। अदालत ने कहा कि यदि रोजगार देने में प्रशासनिक या व्यावहारिक कठिनाइयां हैं, तो राज्य सरकारें कम से कम उनके लिए नियमित गुज़ारा भत्ता सुनिश्चित करने की नीति बनाएं।
यह निर्देश एसिड अटैक सर्वाइवर शाहीन मलिक की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। मलिक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत के निर्देश पर नि:शुल्क (प्रो बोनो) पैरवी की।
अदालत ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है और इसके लिए ठोस नीतिगत कदम उठाना आवश्यक है।
